Rajasthan: बाबा बालकनाथ सहित इन विद्वानों और महंतों को भजनलाल कैबिनेट में स्थान क्यों नहीं मिला?

Rajasthan Cabinet Expansion: शनिवार को राजस्थान कैबिनेट का विस्तार हुआ। आज राज्यपाल ने किरोड़ी लाल मीणा और राज्यवर्धन सिंह राठौर सहित 22 मंत्रियों को शपथ दिलाई।

Rajasthan: बाबा बालकनाथ सहित इन विद्वानों और महंतों को भजनलाल कैबिनेट में स्थान क्यों नहीं मिला?

Rajasthan Politics: Rajasthan में भजनलाल सरकार में 24 मंत्री हैं। साथ ही तिजारा से बीजेपी विधायक बाबा बालकनाथ, पोकरण से विधायक महंत प्रतापपुरी और हवामहल से बीजेपी विधायक बालमुकंद आचार्य को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला। यही कारण है कि बाबा बालकनाथ को एक समय सीएम पद की दौड़ में शामिल किया गया था, लेकिन अब उनके मंत्री नहीं बनने की कई वजहें सामने आ रही हैं। दरअसल, राजस्थान में बाबाओं और महंतों को मंत्री नहीं बनाया जाता है। 25 वर्षों की वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत की सरकार में कोई भी प्रसिद्ध बाबा या महंत नहीं रहा।

बीजेपी में ये तीन प्रमुख बाबा, महंत और आचार्य पहली बार चुनाव जीत चुके हैं। यही कारण था कि उनके मंत्री बनने की उम्मीद बढ़ी हुई थी। तीनों बहुल मुस्लिम सीटों पर चुनाव भी जीते हैं। ऐसे में इनके लिए सब कुछ आसान लगने लगा। 

बयानों के कारण चर्चा में रहे हैं ये विधायक

बाबा बालकनाथ, तिजारा से चुनाव मैदान में उतरने के बाद से चर्चा में रहे हैं। मुख्यमंत्री का नाम भी उनके साथ लगातार जोड़ा जाता था। एक बार उन्होंने मंच से वसुंधरा राजे के अगले मुख्यमंत्री की तरह बातें भी कीं। चुनाव जीतने के बाद, उन्होंने कुछ बयान दिए जो चर्चा में रहे। हवामहल के विधायक बालमुकुंद आचार्या भी अपने बयानों के कारण चर्चा में हैं। उनके लगातार बयानों से पार्टी भी परेशान है। इसलिए भी इन्हें दूर रखा गया। इसके साथ ही मंहत प्रतापपुरी को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं दिया गया, जो एक महत्वपूर्ण संदेश देता है।

...ताकि कोई कंट्रोवर्सी न हो

Rajasthan में आज मंत्रियों की शपथ के बाद विधायकों की नियुक्ति की प्रक्रिया उस पर राजस्थान के प्रसिद्ध पत्रकार जगदीश शर्मा ने कहा कि बाबा, महंत और आचार्या को सरकार में कोई नियंत्रण न होने के लिए मंत्री नहीं बनाया गया है। राजस्थान में पहले भी बाबा और महंत को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला है। आम लोगों को स्थान मिला है। ये निर्णय लोकसभा चुनाव को देखते हुए लिए गए होंगे।